ALL बस्ती मंडल उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय अर्थ जगत फिल्म/मनोरंजन/खेल/स्वास्थ्य अपराध हास्य व्यंग/साहित्य धर्म विविध
तुम्हारे मुंह से शराफ़त का क़िस्सा नहीं सुना मैंने -- कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु
September 3, 2020 • डॉ पंकज कुमार सोनी • हास्य व्यंग/साहित्य

मत पढ़ाओ शराफ़त का पाठ तुम हमको ! 

तुम्हारे चरित्र का हर एक पन्ना पढ़ा है मैंने !! 

*************************

अख़बार में देखो तो हर जगह लूटपाट दंगा फसाद है ! 

यारों क्या हमारे मुल्क में अब शराफ़त बची ही नहीं !! 

*************************

तुम्हारे मुंह से शराफ़त का क़िस्सा नहीं सुना मैंने ! 

कभी-कभी लूटपाट बलवा से इतर कुछ सुनाओ !!

*************************

तुम्हारे शहर की कहानी सुनकर मन में एक ख़्याल आया ! 

क्यों ना शहर में एक मोहल्ला शरीफों का बसाया जाए !! 

*************************

तोड़ती रहेगी शराफ़त अगर यूं ही दम अपना ! 

तुम्हीं बताओ सुकून का एहसास किसको होगा !! 

*************************

शराफ़त का नमूना बने घूम रहे हो सरे बाज़ार तुम ! 

सोचो जो दबंगों की नज़र पड़ गई तुम पर तो क्या होगा !! 

*************************

अपराध की दुनिया में मर्दों का दम घुट रहा है ! 

तुम कहते हो औरत दुनिया पर शासन करेगी !! 

****************** तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु कवि व मंच संचालक अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश !