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स्वास्थ्य मंत्रालय के अफ़सर प्रधानमंत्री मोदी के आदेशों की खुलकर उड़ा रहे धज्जियां
September 15, 2020 • डॉ पंकज कुमार सोनी • राष्ट्रीय

दिल्ली सारा देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है, और कोरोना के लगातार बढ़ते मरीजों ने सरकार से लेकर प्रशासन तक की नींद उड़ा रखी है। समझ नहीं आ रहा कि कैसे कोरोना से निजात पाई जाए, तरह तरह के उपाय अपनाए जा रहे हैं लेकिन फिर भी कोरोना वायरस बेकाबू होकर अपना कहर बरपा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक रोज नए तरीके खोज रहे हैं ताकि देशवासियों को कोरोना से बचाया जा सके, लेकिन लगता है मोदी ब्रिगेड के अफसर कतई इस मूड में नहीं की कोरोना हारे और देश जीते। सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय के सख्त आदेश के बाद भी कुछ अफसरशाही लोग सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकार का मज़ाक बना रहे हैं। हाल फिलहाल में सरकार ने आदेश जारी किया था कि जो भी कंपनी कोरोना से लड़ाई के लिए टेस्ट किट या अन्य उपकरण बनाती है, उस कंपनी की फाइल 7 से 15 दिन के अंदर प्रोसेस हो जानी चाहिए। लेकिन अफसरशाही का गुमान ऐसा की ऐसी कंपनियों की फाइल महीनों से टेबल पर सिर्फ चाय के कप रखने के काम आ रही है। क्या इस तरह से मोदी सरकार देशवासियों को कोरोना से बचाएगी? सवाल तो बनता है, कौन है वो अफसर जिनके कारण ये फ़ाइल आगे सरक ही नहीं पा रही? क्या इसमें कोई भ्रष्टाचार या घोटाले की बू आ रही है, जिसके बाद ही ये फ़ाइल आगे प्रोसेस होगी? सूत्रों के मुताबिक नॉर्थ जोन के अस्सिटेंट ड्रग कंट्रोलर डॉक्टर धनजय ने कई महीनों से ऐसी कंपनियों की फाइल को ना तो हरी झंडी दिखाई है और ना ही लाल झंडी। कुछ कंपनी तो ऐसी भी है जिन्होंने मई के महीने से अपनी फाइल और काम का ब्योरा दिया हुआ है, लेकिन अबतक उन्हें भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अपोथेकारीज सुंद्रीज मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड ने अपनी फाइल 27 मई,2020 को ही रिव्यू के लिए भेज दी थी, लेकिन अभी तक उसकी कोई खोज खबर नहीं है, ऐसे ही पीरामैक्स हैल्थटेक एलएलपी ने अपनी फाइल अगस्त,2020 में भेजी लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया, ऐसे ही 15 से 20 कंपनी और भी है जो 2-3 महीनों से अपनी फाइल का जवाब आने का इंतजार कर रही हैं, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी जी से सवाल है कि ऐसे अफ़सर देश की भलाई कब चाहेंगे? सारा देश जब त्राहि माम त्राहि माम कर रहा है, तब भी इन अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। किस साजिश के तहत इस तरह फ़ाइल रोककर, ये अफ़सर देश की जनता और सरकार दोनों को गुमराह कर रहे हैं? क्या ऐसे अफसरों पर गाज़ नहीं गीरनी चाहिए जो देशवासियों के जीवन के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं? मोदीजी आपसे निवेदन है जल्द ही इस समस्या का हल किया जाएं नहीं तो ऐसे अफ़सर देश को ऐसे अंधेरे की गर्थ में ले जाएंगे जहां से निकलना मुश्किल हो जाएगा।