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क्रोनिक माइग्रेन और उसके लक्षण, कारण और निवारण
July 10, 2020 • डॉ पंकज कुमार सोनी • फिल्म/मनोरंजन/खेल/स्वास्थ्य

सिरदर्द की समस्या से अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में ये दर्द बार-बार हो तो इसे माइग्रेन का नाम दिया जाता है। इस दौरान सिर के एक तरफ ज्यादा तेज दर्द होता है। माइग्रेन के कारण कुछ लोगों को उबकाई या मितली भी आती है। विशेषज्ञों के अनुसार माइग्रेन आपके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में भी बताता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसका संबंध डिप्रेशन, अस्थमा और दिल की बीमारी समेत कई बीमारियों से जुड़ा हो सकता है।

हालांकि माइग्रेन के एक या दो नहीं बल्कि कई प्रकार होते हैं। दृष्टि संबंधी माइग्रेन, मासिक धर्म माइग्रेन, दृष्टि रहित माइग्रेन, क्रोनिक माइग्रेन और ऑप्टिकल माइग्रेन इसके प्रकार हैं। माइग्रेन के इन्ही प्रकारों में से एक क्रोनिक माइग्रेन के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये क्या है और इसके लक्षण क्या होते हैं।

क्रोनिक माइग्रेन को मिश्रित सिर दर्द के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके दौरान माइग्रेन और तनावपूर्ण सिरदर्द के टिशू शामिल हैं। वयस्क और बच्चे दोनों क्रोनिक माइग्रेन से अनुभव कर सकते हैं। इससे खासतौर पर ऐसे लोगों ग्रस्त हैं जो अधिक मात्रा में दवाइयों का सेवन किया करते हैं। आइए आपको चित्किसकों द्वारा बताए गए इसके कुछ लक्षणों के बारे में बताते हैं...

क्रोनिक माइग्रेन के लक्षण

1. डिप्रेशन- चित्किसक के अनुसार क्रोनिक माइग्रेन का मतलब ये भी हो सकता है कि उन्हें माइग्रेन नहीं है, इसकी तुलना में क्रोनिक माइग्रेन के मरीजों के डिप्रेशन के शिकार होने की आशंका दोगुनी होती है। दर्द के कारण अवसादग्रस्त होना या फिर अवसाद की कारण माइग्रेन की समस्या होना ये दोनों ही क्रोनिक माइग्रेन में हो सकता है।

2. चिंता- क्रोनिक माइग्रेन से ग्रसित लोगों में कुछ ऐसे भी शामिल हैं, जिन्हें चिंता (anxiety) की समस्या है। इसका उपचार अलग-अलग तरह से होता है। ऐसे में सही रहेगा कि आप डॉक्टर से संपर्क जरुर करें।

3. चक्कर और थकावट- क्रोनिक माइग्रेन के दौरान आपको चक्कर और थकावट जैसी समस्या भी हो सकती है। डॉक्टर्स के अनुसार कई बार दिमागी तौर पर ज्यादा सोचने से भी व्यक्ति बिना कुछ करें थकावट महसूस करता है। इसके अलावा कमजोरी होने से उसे चक्कर भी आ सकते हैं।

4. चिड़चिड़ाहट- क्रोनिक माइग्रेन में व्यक्ति ज्यादा तनाव में रहता है, छोटी से छोटी बात भी उसे चिंता में डाल देती है और फिर वो चिड़चिड़ा होने लगता है। ऐसे में वो किसी बात करने की बजाए एक शांत कमरे में अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं।

5. दर्द की समस्या- पीठ दर्द, गर्दन दर्द, कंधे दर्द समेत फाइब्रोमाइलेगिया जैसी दर्द की समस्याएं क्रोनिक माइग्रेन की वजह हो सकते हैं। हालांकि ये समस्या एक दूसरे से क्यों जुड़ी हैं ये कहना मुमकिन नहीं।

6. मोटापा- बढ़ते वजन या मोटापे के शिकार लोगों में क्रोनिक माइग्रेन देखा जा सकता है। ऐसे लोग थोड़ी-थोड़ी बातों को भी अपने दिमाग पर हावी कर लेते हैं और कुछ ज्यादा ही सोचते हैं। इनकी ये आदत इनके लिए समस्या खड़ी कर सकती हैं।

अगर इनमें से कोई भी लक्षण आपमें हैं तो उसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं।

- अगर आप माइग्रेन की समस्या से परेशान हैं तो आप एक अंधरे, शांत कमरे में थोड़ी देर जरुर बैठे, हो सके तो थोड़ी देर के लिए सो जाए। इससे आपको आप थोड़े चिंता मुक्त होने के साथ ही आराम महसूस करेंगे।

- आप अपने ध्यान भटकाने के लिए अपना पसंदीदा गाना या काम करें, जिससे आप तनाव मुक्त रह सकते हैं और क्रोनिक माइग्रेन की समस्या आप पर ज्यादा हावी नहीं हो सकेगी।

- हेल्दी फूड और पेय पदार्थों का सेवन करें। इससे आपकी सेहत अच्छी बनी रहेगी।

क्या न करें

- आपको बिना वजह के बातों का ख्याल नहीं लाना है, जो चीज आपको तनाव में डाले उसे दूरी बनाए रखें।

- सिर दर्द या अन्य दर्द की समस्या में कोई भी दर्द-निवारक गोलियों का सेवन न करें। डॉक्टर की सलाह से ही दवां खाएं।

- सिमरन सिंह