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जननी सुरक्षा योजना में गर्भवती महिलाओं को मुफ्त भोजन के 40 लाख के टेंडर घपले आरोप लगा कर dm सीएम से जांच की मांग
June 19, 2020 • डॉ पंकज कुमार सोनी • बस्ती मंडल

बस्ती। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) में मुफ्त भोजन देने के ठेका अपात्रों को दिए जाने को ले कर दूसरी फर्म न्यायालय जाने की तैयारी कर रही है। पेरिस कैटर्स ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित 5 लोगो के विरुद्ध टेंडर देने के प्रकरण में अनियमितिता का आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस दिया है।

             स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला चिकित्सालय में जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं तथा जिला चिकित्सालय में मरीजों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने का बीते 17 मार्च को ई टेंडर कराया गया।18 मार्च को 40 लाख रुपये मूल्य टेंडर खोल गया। टेंडर खुलने के पश्चात बलराम पुर निवासी ओम प्रकाश तिवारी जो पेरिस कैटर्स फर्म के प्रोपराइटर है ने जिला अधिकारी,मुख़्यमंत्री,सीएमओ सहित उच्चाधिकारियो को पत्र लिख कर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितिता को बताते हुए मांग किया था कि टेंडर उसी फर्म को दिया जाना चाहिए था जो टेंडर में शामिल 40 शर्तो को पूरा करता हो। उन्होंने अन्य टेंडरदाता फर्मो के ऊपर मानक पूरा न होने के बावजूद चहेते फर्म को ठेका दिए जाने की जांच व कार्यवाही की मांग किया था। जिस पर सीएमओ ने जांच व कार्यवाही का आश्वाशन दिया था।

         दो माह गुजर जाने के बाद भी कोई संतोष जनक कार्यवाही न होते देख ओम प्रकाश तिवारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिलाधिकारी बस्ती,अपर निदेशक चिकित्सा व परिवार कल्याण बस्ती मंडल, म निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन,लखनऊ, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण लखनऊ, प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य लखनऊ को पार्टी बनाते हुए टेंडर घोटाले में कार्यवाही न कई जाने को लेकर कानूनी नोटिस दिया है।

            दिए गए नोटिस में पेरिस कैटर्स ने आरोप लगाया है कि टेंडर में शामिल दो अन्य फर्मो के ई टेंडर में शामिल डाक्यूमेंट्स अपूर्ण और गलत थे, टेंडर प्रक्रिया में शामिल स्वास्थ्य विभाग के बाबू ने जान बूझ कर अपने चहेते फर्म मार्स विजन मल्टी सलूशन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर दिलाने में मदद किया। टेंडर ओपनिंग के समय टेक्निकल बिड की तुलनात्मक चार्ट में अपूर्ण व गलत डाक्यूमेंट्स को भी सही दर्शाते हुए संलग्न है का चार्ट तैयार किया।

          नोटिस देहन्दा ने आरोप लगाया है कि तकनीकी बिड के तुलनात्मक चार्ट में क्रमांक दो पर जिलाधिकारी बस्ती द्वारा जारी हैसियत प्रमाण पत्र लगफय जंन आवश्यक शर्त था जो कि नही लगाया गया था ,फिर भी चार्ट में संलग्न दर्शाया गया ,इसी प्रकार क्रमांक तीन पर टर्नओवर का डॉक्यूमेंट भी न लगने के बावजूद संलग्न है दिखाया गया। क्रमांक 06 पर ब्लैक लिस्ट न होने का शपथ पत्र का है जो न लगने के बावजूद रिपोर्ट में संलग्न है दर्शाया गया है। 

         ओमप्रकाश तिवारी प्रोपराइटर ने नोटिस में विवरण देते हुए आरोपित किया कि क्रमांक ग्यारह पर निविदा कर्ता की फ़ोटो गजेटेड अधिकारी से सत्यापित न होने बल्कि नोटरी से सत्यापित होने के बजूद डॉक्यूमेंट को सही दिखाया गया। इसके अलावा अन्य गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है जिलाधिकारी बस्ती को गुमराह कर टेंडर अनुमोदित कर लिया गया है।

          पेरिस कैटर्स ने सीएमओ पर आरोप लगाया है कि टेंडर की तमाम अनियमितिताओ की शिकायत और कार्यवाही की मांग पर कोई कार्यवाही न होने के कारण सक्षम न्यायालय में जाना पड़ रहा है। कहा कि नियमतः मोर्स विजन मल्टीसोलुशन्स प्राइवेट लिमिटेड के टेंडर निरस्त होने चाहिए और सभी शर्तो को प्रण होने वाली फर्म को ही टेंडर आवंटित किया जाना चाहिए।