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दहेज लोभीयों ने इच्छित मांग पूरी न होने पर विवाहिता को घर से निकला, पीड़िता ने लगाई पुलिस से न्याय की गुहार, मुकदमा दर्ज
June 22, 2020 • डॉ पंकज कुमार सोनी • बस्ती मंडल

बस्ती। मां,बाप ने अरमानो के साथ बेटी का निकाह किया। सोचा ससुराल में बेटी के दिन हंसी खुशी अच्छे से गुजरेंगे। लेकिन क्या पता था कि जिसके हाथ में अपनी बेटी का हाथ सौप रहे हैं वह दहेज लोलुप निकलेगा। उनकी बेटी प्रताड़ना का शिकार होगी, उसके जेवरात व अन्य सामान छीन कर उसे ससुराल से निकाल दिया जाएगा। ससुराल में प्रताड़ना की शिकार पत्नी ने थकहार कर पुलिस से गुहार लगाया। महिला थाना ने तहरीर के आधार पर उसके पति, ननदों और पति के दो भाइयों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर रही है।

मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बाकर मंजिल तुरकहिया निवासी सैयद अलाउद्दीन उर्फ रज्जन की पुत्री सैयदा नाजिया खातून से जुड़ा है। उसका निकाह सितम्बर 2017 में अम्बेडकरनगर जिले के बसखारी निवासी सैयद अहसन अशरफ उर्फ सैयद शबीब अशरफ उर्फ शब्बू के साथ हुआ। निकाह के बाद कुछ दिन ससुराल में ठीक ढंग से बीते, इसके बाद उस पर जुल्म शुरू हो गए। मायके वालो से पांच लाख रूपया और चार पहिया वाहन मांगने का उस पर दबाव बनाया जाने लगा। जब उसने असमर्थता व्यक्त की और पिता की माली हालत और बीमारी का वास्ता दिया तो उसे मारा पीटा गया, धमकी दी गई कि या तो मांग पूरी करो नही ंतो अंजाम बुरा होगा। बकौल सैयदा नाजिया खातून उसने ससुराल में जुल्म बर्दाश्त किया लेकिन अपने मायके वालों को कुछ नहीं बताया। उसके अनुसार उसे खाना तक नहीं दिया जाता रहा। भरे समाज में उसे मारा पीटा गया। इस बीच गर्भ में पल रहे बच्चे को भी गिराने का दबाव बनाया गया, लेकिन जब वे सफल नहीं हुए तो 3 मई 19 को उसके पास का सारा सामान छीन कर उसे घर से निकाल दिया। उसके मायके वाले सुलह समझौता का काफी प्रयास किए लेकिन ससुराल वालो ने एक न सुनी। दो टूक जवाब दिया कि या तो मांग पूरी करों या फिर तलाक ले लों। यह भी धमकी दी कि तेजाब फेकवाकर चेहरा बर्बाद कर दूंगा,जिससे तुम किसी को अपना चेहरा दिखाने लायक नहीं रहोगी । इससे पूर्व उसके पति के दो भाई भी अपनी पत्नी को इसी तरह प्रताड़ित कर छोड़ चुके है। एक बहू अपने मायके में रह रही है, जबकि दूसरी बहू अपने हक के लिए मुकदमा लड़ रही है। दुआ, ताबीज तंत्र, मंत्र का धंधा करने वाले उसके पति का दिल अपनी मासूम बच्ची के लिए भी नहीं पसीजा। बच्ची 11 माह की हो चुकी है। दुआ ताबीज के बल पर उसने महाराष्ट्र में भी मदरसा, खानकाह बना लिया है। अपनी ऊंची पहुंच, रसूख के बल पर वह लगातार धमकी दे रहा है जिससे उसकी, मासूम बच्ची और मायके वालों की भी जान का खतरा बना हुआ है। पुलिस से सैयदा नाजिया खातून ने तहरीर देते हुए न्याय की गुहार लगाया है।