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अज्जू हिंदुस्तानी के परिजनों को नौकरी और अर्थिक सहायता हेतु राना दिनेश प्रताप सिंह का भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी,निर्णायक हल तक जारी रहेगी मुहिम
August 8, 2020 • डॉ पंकज कुमार सोनी • बस्ती मंडल

बस्ती, 08 अगस्त। समाजसेवी राना दिनेश प्रताप सिंह का अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कल दिन में कई बार जिला प्प्रशासन के प्रतिनिधियों और अनशनकारी राना के मध्य समझौते और मान मनौव्वल की वार्ता असफल हो जाने के बाद आंदोलन समाप्त नही हो सका। कोरोना के कहर से मरे अज्जू हिंदुस्तानी के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को सम्मानजनक नौकरी दिए जाने की मांग पर अड़े श्री राना ने कहा है कि वे लम्बे आंदोलन की तैयारी कर के आए हैं और हम किसी जल्दबाजी में नही है। शाशन प्रशासन अपनी गति से मेरी मांगों पर विचार करे और निर्णायक हल की सकारात्मक पहल करे। उन्होंने दोहराया है कि मांगे माने जाने तक भूख हड़ताल जारी रहेगा। श्री राना ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जनसेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले एक लोकप्रिय व्यक्ति के परिवार की दुःखद आर्थिक स्थित में भी सहयोग करने को अगर जिम्मेदार तैयार नही हैं तो आम आदमी का क्या होगा। श्री राना ने मण्डल के सभी सांसदों, विधायकों, राजनैतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध किया कि विचारधारा की परिधि से ऊपर उठकर विपदा में पड़े इस परिवार के लिए अपने स्तर से आर्थिक मदद में आगे आएं।

  1.                     विदित हो कि कोरोना संक्रमण हो जाने के कारण गत 31 जुलाई को अज्जू हिंदुस्तानी की पीजीआई लखनऊ में मौत हो गयी थी। कोरोना संक्रमित उनकी सगी बहन अनीता श्रीवास्तव की भी उसी दिन बस्ती से रिफर होकर लखनऊ जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गयी । 0 3 दिन बाद माता शकुंतला देवी भी जीवन मरण से संघर्ष करते हुए कैली हास्पिटल में कोरोना से जंग हार गईं। कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों से ही आम जन की भलाई के लिए संघर्ष करते हुए अज्जू के परिवार में कोविड-19 संक्रमण से 4 दिन में 3 दर्दनाक मौत से समूचे पूर्वांचल में दहशत हो गया । विगत दो दशकों से सार्वजनिक जीवन से ज़ुड़े सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले अज्जू के 70 वर्षीय बृद्ध पिता, विधवा पत्नी और 06 वर्षीय मासूम बालक के अलवा कोई सगा सम्बन्धी नही बचा है जो परिवार की देखभाल कर सके। यही नही अज्जू का कोई व्यापार अथवा रोजगार नही था और न ही कोई चल अचल संपत्ति ही है जिससे घर परिवार की आवश्यक आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सके।