मुंबई/नई दिल्ली: नांदेड़ में रविवार को साधु समेत 2 लोगों की हत्या कर दी गई है. साधु शिवाचार्य और भगवान शिंदे नाम के व्यक्ति की बाथरूम में शव मिला. दोनों की गला रेतकर हत्या की गई. आखिर क्यों एक महीने में महाराष्ट्र में 3 साधुओं की हत्या कर की गई है. क्या हत्या की पूरी कहानी इस रिपोर्ट से समझिए. महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था पर ये बड़े सवाल आज दिन भर पूछे जाते रहे. ये सवाल तब तक बने रहेंगे जब तक कि इसके ठोस जवाब ना मिल जाएं. लेकिन पालघर के बाद नांदेड़ में संतों की हत्या की साजिश को समझने के लिए पहले पूरी कहानी समझिए.
शनिवार रात शिवाचार्य रुद्र पशुपति महाराज की उनके आश्रम में गला रेत कर हत्या कर दी गई. पशुपति महाराज के अलावा एक और शख्स की हत्या की गई है. जिसका नाम भगवान राम शिंदे है. आरोप है कि हत्या का आरोपी साईनाथ शनिवार रात आश्रम में दाखिल हुआ. पशुपति महाराज की हत्या करने के बाद आरोपी साईनाथ साधु की लाश कार में रखकर बाहर निकलने की कोशिशम में था लेकिन कार गेट से टकरा गई. इस दौरान छत पर सो रहे आश्रम के कुछ संत जग गए लेकिन तब तक आरोपी भाग चुका था.
नांदेड़ की पुलिस ने हत्यारोपी साईनाथ को रविवार दोपहर तेलंगना से पकड़ा है, फिलहाल उसे हिरासत में लिया गया है. माना जा रहा है कि आरोपी कभी-कभी मठ में ही रुक जाया करता था. आरोपी को साधु के बारे में हर बारीक जानकारी होने की भी बात कही जा रही है. पहले पालघर और अब नांदेड़ में साधुओं की हत्या से संत समाज में गुस्सा है.
नांदेड़ में साधु की हत्या कैसे हुई इसकी पूरी इनसाइड स्टोरी समझिये:
24 मई को शिवाचार्य रुद्र पशुपति महाराज की उनके आश्रम में बेरहमी से हत्या की गई
हत्यारे ने साधु की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर हमला किया
हत्यारे ने पशुपति महाराज का चार्जिंग केबल से गला घोंटा
आरोपी ने कार में साधु का शव रखकर भागने की कोशिश की
हत्या के बाद साधु के आश्रम से करीब 1.5 लाख का सामान लूटा
आश्रम से भागते वक्त गेट में कार फंसी गई लेकिन 65 हज़ार रुपए और लैपटॉप छोड़कर हत्यारा भाग गया.
बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.